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21वीं सदी में अब और ताकतवर बनेगी भारतीय सेना, पीएम मोदी के इस कदम से पाक-चीन में खलबली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 वर्षों में भारतीय सेना को सुख-सुविधाओं और अत्याधुनिक हथियारों से लैश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब उन्होंने सेना को 21वीं सदी की सबसे ताकतवर बनाने की दिशा में उपकरणों से सुसज्जित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। इससे पाक-चीन जैसे दुश्मनों की घबराहट बढ़ना लाजमी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय सेना को अत्याधुनिक और ताकतवर बनाने के लिए वो हर कदम उठा रहे हैं, जो इसके लिए जरूरी है। भारत-पाकिस्तान से लेकर भारत-चीन और अन्य देशों से लगी सीमाओं पर सेना की ताकत बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने सुरंगों, हवाई पट्टियों, पुलों, सड़कों आदि का बड़ा जाल बिछा दिया है। साथ ही सेना को अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से सुसज्जित कर दिया है। पीएम मोदी सेना को लगातार आत्मनिर्भर और ताकतवर बनाते जा रहे हैं। इस दिशा में प्रधानमंत्री के निर्देश पर जल-थल से लेकर नभ तक सेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक और बड़े कदम का ऐलान किया गया है। इससे भारतीय सेना और भी अधिक ताकतवर बनकर उभरेगी।
लगातार मजबूत होती भारतीय सेना की ताकत को देखकर पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य ताकतवर देश भी हैरान हैं। इंडियन आर्मी को को ताकतवर बनाने के लिए पीएम मोदी की महत्वाकांक्षा के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों की समग्र युद्ध क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए बहुउद्देश्यीय समुद्री विमान सहित 84,560 करोड़ रुपये के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को शुक्रवार को मंजूरी देकर अपने इरादे जता दिए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके बाद सेना और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हो जाएगी। डीएसी द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों में नई पीढ़ी की टैंक रोधी बारूदी सुरंग, वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार, भारी वजन वाले टॉरपीडो, मध्यम दूरी के समुद्री टोही और बहुउद्देश्यीय समुद्री विमान, उड़ान रिफ्यूलर विमान आदि शामिल हैं। इन हथियारों और उपकरणों के सेना में शामिल होने के बाद जल, थल से लेकर नभ तक सेना की ताकत कई गुना और बढ़ जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीएसी ने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए मध्यम दूरी के समुद्री टोही और बहुउद्देश्यीय समुद्री विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी। इसने कहा कि वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि डीएसी ने भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं और पहुंच को बढ़ाने के वास्ते ‘फ्लाइट रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट’ की खरीद के लिए आवश्यक स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है

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