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रंगभरी एकादशी पर बन रहे हैं 3 शुभ संयोग, इस दिन शिव-गौरी की पूजा से पूरी होगी हर मनोकामना
होली के 6 दिन पहले रंगभरी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। रंगभरी एकादशी के दिन महादेव-गौरी पर गुलाल चढ़ाने की परंपरा है।
होली हिंदू धर्म के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इस साल रंगों वाली होली 8 मार्च को खेली जाएगी लेकिन उससे एक दिन पहले होलिका दहन होगा। होली के पर्व को कृष्ण-राधा के प्रेम, प्रह्लाद की भक्ति, बुराई पर अच्छाई की जीत के अलावा शिव-गौरी की उपासना के लिए भी जाना जाता है। दरअसल, हर साल होली से 6 दिन पहले रंगभरी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन महादेव मां पार्वती अपने भक्तों के साथ रंग-गुलाल के साथ होली खेलते हैं।
आपको बता दें कि इस बार रंगभरी एकादशी पर 3 शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करने से दोगुना फल की प्राप्ति होगी। रंगभरी एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, सौभाग्य योग और फिर शोभन योग प्रारंभ होगा। इस साल रंगभरी एकादशी 3 मार्च 2023 को मनाई जाएगी।
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रंगभरी एकादशी पर पूर्ण होगी हर इच्छा
रंगभरी एकादशी पर बन रहे तीनों शुभ संयोग जातकों के लिए शुभकारी रहेगा। मनवांछित फल पाने के लिए एकादशी के दिन विधि-विधान के साथ भोलेनाथ और मां गौरी की पूजा करें। साथ ही माता पार्वती और शिवजी पर गुलाल चढ़ाना बिल्कुल भी न भूलें। मान्यताओं के मुताबिक, रंगभरी एकादशी के दिन शिवशंकर और मां गौरी की अराधना और उनपर गुलाल अर्पित करने से धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
रंगभरी एकादशी 2023 शुभ मुहूर्त
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी प्रारंभ- सुबह 06.39 मिनट से ( 02 मार्च 2023)
रंगभरी एकादशी समापन- सुबह 09.11 मिनट पर (03 मार्च 2023)
पूजा मुहूर्त – सुबह 08:17 से सुबह 09:44 तक (3 मार्च 2023)
रंगभरी एकादशी व्रत पारण समय – सुबह 06.48 से सुबह 09.09 तक (4 मार्च 2023)

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